घरवालो की ख़ुशी

ना मैने बेवफाई की ना उसने धोका दिया,
ना मैने बेवफाई की ना उसने धोका दिया,
दुनिया से जीत जाते हम पर क्या करे घरवालोने ही रोक दिया...।।
मत पुछो तुम अंदाजा ना लगा पायोगे इश्क हमने कितना किया था,
जब दिल मेरा धडकता था तब सांस वो लेता था..।।
हा सबको होती है हमे भी हमारे रिश्ते पर थोडा गुरुर थोडी अकड थी,
लोगो से क्या पुछ्ते हो हमारे हर लम्हे की गवाह शहर की हर सडक थी...।।
जिस्म का क्या है हर रोज इक नई खुबसुरती नजर आती है,
जीसका रिश्ता रुह से होता है ये मोहब्बत उसे ही तो तडपाती है...।।
अब हम कम मिलते है बाते भी कम करते है,
घरवालो को खुश करके खुद गम मे रेहते है...।।
हा इक दिन जिस्म जायेगा मेरा किसी और के पास सजधज के,
कैसे समजेंगे घरवाले उसका हर स्पर्श मेरी रुह को रुलायेगा रजरज के...।।

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